हत्या के प्रयास में पिता-पुत्र समेत तीन को सजा

वाराणसी। अदालत में लंबित मुकदमे की रंजिश को लेकर पक्षकार की हत्या का प्रयास के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज अविनाश नारायण पांडेय ने खोजवां,भेलूपुर निवासी अभियुक्त राजेंद्र उपाध्याय,उनके पुत्र मनीष उपाध्याय तथा भाई महेंद्र उपाध्याय को दस-दस साल के कारावास एवं 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रोहित मौर्य ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खोजवां निवासी प्रकाश सोनकर के भाई की वर्ष 1985 में हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी। 11 सितंबर 1995 को उक्त मुकदमे की पैरवी कर प्रकाश सोनकर अपने भाई श्यामलाल तथा सदाफल के साथ कचहरी से वापस घर जा रहा था। जैसे ही तीनों कमच्छा स्थित शराब ठेका से थोड़ा आगे पहुंचा था तभी बुलेट मोटर साइकिल पर सवार राजेंद्र उपाध्याय, मनीष तथा महेंद्र उपाध्याय उसके पास से गुजरते वक्त तीनों को रोककर गालियां देने लगे। इसी दौरान राजेंद्र उपाध्याय ने कट्टा से श्यामलाल को गोली मारकर घायल कर दिया। मनीष ने भी फायरिंग की, लेकिन गोली नहीं चली। शोर सुनकर लोगों के इकट्ठा होते देख तीनों हमलावर भाग निकले। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जख्मी समेत आठ गवाह परीक्षित कराए गए थे।

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