गंगा चेतावनी बिंदु से चन्द कदम दूर

बलिया में खतरे को पार किया बढ़ाव जारी,प्रयाग राज मिर्जापुर में हुई स्थिर

डॉक्टर लोकनाथ पांडेय
वाराणसी। पहाड़ी इलाकों में निरंतर हो रही वर्षा तथा बांधो से लगातार पानी छोड़े जाने से वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु को अब छूने वाली है। केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी आंकड़ो के अनुसार आज सुबह 8 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68 .59 मीटर दर्ज किया गया ,जबकि राजघाट में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है। मैदानी भागों के सहायक नदियों में उफान के चलते गंगा के पानी में बढ़ाव अब भी बना हुआ है। प्रयागराज व काशी से लेकर तमाम तटवर्ती इलाकों में उफान मार रही गंगा की खतरनाक लहरों के चलते हजारों मठ मंदिर डूब गए तो लाखों एकड़ फसल भी बर्बाद हुई है। बलिया में गंगा खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही। यहां चेतावनी बिंदु56.615मीटर है जबकि बलिया में आज सुबह8बजे गंगा का जलस्तर 58.07मीटर दर्ज हुआ। इधर बनारस के 85 घाटों का सम्पर्क टूट गया तो वरूणा भी तीव्र उफान पर है।बीती रात कचहरी के शास्त्री घाट की दो सीढ़ियां फिर डूब गई तो मुक्ताकाशीय मंच व ऊपर हनुमान मंदिर की ओर पानी चढ़ने लगा है।

उफनती लहरों से तटवासी जहां भयभीत है वहीं तमाम नाव का संचालन भी ठप है। नाविकों ने घाट किनारे नावों का लंगर डाल दिया तो दशाश्वमेघ घाट की विश्व प्रसिद्ध आरती का स्थल भी बदल कर ऊपर कर दिया गया है। शीतला घाट के तमाम मंदिर पानी में समा चुके है। ढाब (चौबेपुर) के कई नए इलाकों में पानी घुस आने से ग्रामीण मवेशियों को लेकर ऊँचे स्थानों की ओर चले गए। पानी बढ़ने के साथ गंगा के पलट प्रवाह से अब आदि केशव घाट से गंगा का पानी वरूणा में तेजी से आ रहा है। उधर गंगा के उफान से लंका के मारुती नगर के लोग भी भयभीत हैं। इस क्षेत्र के कई निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। पिछली बार अचानक रात में पानी बढ़ने से यहां लोगों की दिक्कत काफी बढ़ गई थी। इसबार लोग रात भर जाग कर पानी की टोह ले रहे हैं। पूर्वांचल के आसपास के जिलों के समूचे परिदृश्य की बात करें तो प्रयागराज , फाफामऊ , गाजीपुर, मिर्जापुर में गंगा जबकि जौनपुर में गोमती का प्रवाह आज स्थिर हुआ है,जबकि वाराणसी व बलिया में आज भी गंगा का पानी बढ़ रहा है।

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