मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का हुआ प्रभावी आगाज़

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत कुल 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हुई सेहत की मुफ्त जांच

पूरे कार्यक्रम पर जिलाधिकारी की रही पैनी नजर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का किया निरीक्षण

वाराणसी , जनवरी। रविवारीय अवकाश का दिन इस बार जनपद के लिए सेहत की दृष्टि से बेहद खास रहा। दूर दराज के इलाकों व मलिन बस्तियों में रहने वाले करीब 4665 से अधिक लोगों, लगभग 1600 पुरुष, 2500 महिलाएं एवं 700 बच्चे को इस दिन सेहत का वरदान मिला। मौका था मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के आगाज का। इस पहले आरोग्य मेले में जिले के 24 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत कुल 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क जांच व इलाज की सुविधा दी गई।
शहरी क्षेत्र शिवपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगे मेले का शुभारंभ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने किया। काशी विद्यापीठ पीएचसी स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन रोहनिया विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, सेवापुरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन विधायक नीलरत्न पटेल नीलू और विधायक के0एन0 सिंह ने चिरईगांव स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन किया। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बड़ागाँव पीएचसी स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने बड़ागाँव स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड, प्रसव कक्ष, दवा स्टोरेज आदि का निरीक्षण किया और प्रसंशा भी की। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन प्रतिनिधियों ने मेले का उद्घाटन किया। संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ एस0सी0 मित्तल ने मंडुआडीह नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित स्वास्थ्य मेला का उद्घाटन किया।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश से प्रत्येक रविवार को प्रत्येक प्राथमिक एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित किया जा रहा है जो आगे भी चलते रहेंगे। इस मेले का उद्देश्य जनपद के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, स्वास्थ्य सुविधाओं को उनके समीप पहुंचाने, रोगों के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जन समुदाय को जागरूक करने तथा बेहतर उपचार प्राप्त कराने एवं गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों को चिन्हित कर उच्चीकृत स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भन करना है। मेले में विभिन्न बीमारियों की प्रारंभिक जांच एवं उपचार, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ किशोर स्वास्थ्य, टीबीए मलेरिया, मोतियाबिंद जांच आदि से जुड़ी जांच पर खास जोर रहा और गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को चिन्हित कर उच्चीकृत स्वास्थ्य इकाइयों के लिए संदर्भित भी किया गया।
शिवपुर शहरी पीएचसी में मेले का शुभारंभ करते हुए राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कहा कि सभी को स्वस्थ रखना सरकार की प्राथमिकता है इसके लिए सरकार वचनबद्ध है और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का नारा है सबका स्वास्थ्य और सबका विकास। इसको दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य मेले के माध्यम से जन समुदाय को उनके घर के समीप प्रत्येक रविवार चिकित्सीय एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं और लोगों की गंभीर बीमारियों को चिन्हित कर बेहतर इलाज के लिए उच्चीकृत इकाईयों में सन्दर्भन किया जा सके।
बड़ागाँव प्राथमिक स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य मेला में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को सफल उपचार के लिए उच्चीकृत इकाईयों पर संदर्भित किया जाए। उनका समय से फॉलोअप भी किया जाए। प्रत्येक स्वास्थ्य मेला के पूर्व आशाए, एएनएम और विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य मेले का प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि 28 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जबकि 24 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को स्वास्थ्य मेले आयोजित किए गये, जो आगे भी चलते रहेंगे। इन मेलों के माध्यम से जनपद की एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाते रहेंगे। मेले का आयोजन सुबह 10 से अपराह्न 2 बजे तक किया गया। मेले में मिलीं सुविधाएं-बुखार समेत मौसमी बीमारियों की जांच, गर्भवती व बच्चों का टीकाकरण, दवा और सभी पैथालॉजी की जांच निःशुल्क, नसबंदी के लिए पंजीकरण, आंखों की निःशुल्क जांच, क्षय रोग की जांच, परिवार नियोजन के अस्थायी साधन का निःशुल्क वितरण। ये सुविधा भी रहीं मौजूद-चिकित्सा व उपचार के अलावा संदर्भन की सुविधा, गर्भावस्था, प्रसवकालीन व जन्म पंजीकरण का परामर्श, बच्चों में डायरिया, निमोनिया रोकने के लिए परामर्श सुविधा,
मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया व कुष्ठ की स्क्रीनिंग,
बीपी, शुगर, मुख, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, तंबाकू और मद्यपान छोड़ने के लिए परामर्श भी लोगों को आवश्यकतानुसार दिए गए हैं। आयुष्मान का गोल्डेन कार्ड भी बना
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आयुष्मान भारत योजना के स्टॉल लगाकर करीब 331 लोगों के गोल्डेन कार्ड भी बनाए गए। सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक रविवारीय स्वास्थ्य मेले में प्रयास होगा कि ज्यादा से ज्यादा केंद्रों पर कैंप लगा कर लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड की सुविधा प्रदान की जाए।

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