गंगा नदी भारत की आत्मा है-पर्यटन मंत्री

अविरल एवं निर्मल गंगा धारा हम सबके जीने का सहारा है

वाराणसी, जनवरी|उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने कहा कि गंगा नदी हमारी सभ्यता एवं संस्कृति से जुड़ी हैं। मानव समाज के लिए गंगा लाइफ लाइन है। गंगा देश का मान बढ़ाती हैं और दुनिया में पहचान दिलाती। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि मानव समाज का गंगा से युगो-युगो का नाता है और गंगा हमारी माता है। गंगा नदी भारत की आत्मा है। अविरल एवं निर्मल गंगा धारा हम सबके जीने का सहारा है। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार वाराणसी से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरने के लिए आए थे, तो उन्होंने कहा था कि “मुझे गंगा ने बुलाया है“। प्रधानमंत्री गंगा की स्वच्छता को बनाए रखते हुए इसके निर्मलता एवं अविरलता के लिए विशेष रूप से जोर देते रहते हैं। गंगा के स्वच्छता, निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखने के लिए लोगों में जन चेतना एवं जन जागरूकता पैदा किए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश के बिजनौर एवं बलिया दो स्थानों से गंगा यात्रा 27 जनवरी से प्रारंभ होकर 31 जनवरी को कानपुर में पहुंचेगी।
मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने सोमवार को चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल अर्बन हाट में सूचना विभाग द्वारा गंगा के प्रति लोगों में जन चेतना एवं जन जागरूकता पैदा किए जाने के उद्देश्य से लगाए गए भव्य “गंगा यात्रा एवं विकास” विषयक चित्र प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन करने के पश्चात मौके पर मौजूद पत्र-प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि 27 से 31 जनवरी तक गंगा यात्रा 27 जिले, 21 नगर निकाय, 38 ग्राम पंचायत 1358 किलोमीटर की यात्रा तय करेगी। उन्होंने बताया कि गंगा हमारी सभ्यता एवं संस्कृति से जुड़ी हुई है। यह मानव समाज की जीवनदायिनी भी है। गंगा के किनारे के गांवो को चिन्हित कर पर्यटन की दृष्टि से उसमें गेस्ट हाउस, पार्क, पाथवे आदि विकसित किए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा “भागीरथ सर्किट” बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है। पर्यटन विभाग को भागीरथ सर्किट का डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही डीपीआर भारत सरकार को भेजा जाएगा। विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि भागीरथ सर्किट विकसित होने से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वही गंगा के किनारे के गांवो में रहने वालों की आर्थिक विकास भी होगा।

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