धार्मिक जमीन पर शुरू हुआ कब्जा तो व्यापारी हुए आक्रोशित, पूर्व विधायक

अजय राय पहुंचे मौके पर, विरोध बढ़ने पर पुलिस ने कब्जा रोका

वाराणसी। आजकल भू माफियाओं की नजर धार्मिक स्थलों पर लग गई है इसीलिए कभी कपिलधारा के पंचकोशी पड़ाव पर कब्जे की बात सामने आती है तो कभी आशापुर में स्कूल संचालक द्वारा प्राचीन जोगिया बाबा मंदिर शिवालय आदि के साथ ग्राम समाज की काफी जमीन घेर ली गई। ग्रामीणों का विरोध भी अब बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला पिंडरा में देखने को मिला बताया गया कि फूलपुर थाना अंतर्गत पिंडरा बाजार स्थित अति प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर न्यास परिषद के साढ़े तीन बीघा जमीन पर हो रहे कब्जे के विरोध में आज व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। बताया गया कि इलाकाई चंद्रशेखर सेठ ने उक्त जमीन पर आज सुबह कब्जा लेना शुरू किया तो लोग भौचक हो उठे।

स्थानीय लोगों के पूछे जाने पर कब्जा कर रहे लोगों ने बताया कि उन्होंने मंदिर की ट्रस्टी शांति देवी से बैनामा करा लिया है। स्थानीय लोगों का कहना था कि मंदिर पर निर्माणकर्ता का नाम श्यामसुंदर साहू लिखा गया है। श्यामसुंदर साहू के परिवार में कोई शांति देवी नहीं रहती जबकि श्यामसुंदर साहू की मौत भी बहुत पहले हो चुकी है। उक्त जमीन पर प्राचीन मंदिर और बाग बगीचा है जिसमें लोग धार्मिक आयोजन करते रहे हैं। इस बात की भनक जब बाजार में पहुंची तो पिंडरा बाजार के व्यापारियों ने अपनी अपनी दुकानें बंद कर दें और मंदिर पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे इस बात की सूचना इलाकाई लोगों ने पूर्व विधायक अजय राय को दी। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक अजय राय ने एसडीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर मंदिर पर कब्जे का विरोध किया व तुरन्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चन्द्र शेखर सेठ स्वयं को भाजपा का नेता बताते रहे है कुछ सत्ताधारी दल के लोग इस कब्जे के पीछे भी है। ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कब्जा रुकवा दिया। पुलिस ने कागजातों के साथ दोनों पक्षों को थाने पर तलब किया है। समाचार दिए जाने तक इलाकाई दुकानदार व ग्रामीण मंदिर पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। जिले में सैकड़ो मंदिर मठों पर पूर्व में ही कब्जा हो चुका है,ऐसे में प्रशासन ने नहीं चेता तो धार्मिक नगरी काशी के अन्य मठ ,मंदिर पंचकोशी पड़ाव स्थल समाप्त हो जायेंगे।

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