विश्व अल्जाइमर दिवस पर मंडलीय चिकित्सालय में चला हस्ताक्षर अभियान

वाराणसी। विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर सोमवार को श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय (एसएसपीजी) कबीरचौरा में जन-जागरूकता हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रसन्न श्रीवास्तव ने की और उन्होने लोगों से अपील की कि वह इस अभियान का हिस्सा बनें और समुदाय में अल्जाइमर के प्रति लोगों को जागरूक करें। इसके पश्चात आर्थोपीडिसियन डॉ अभिषेक राय, वृद्धजन विशेषज्ञ डॉ आरएन सिंह, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ रविंद्र कुमार कुशवाहा, मनोचिकित्सक डॉ अमनदीप ने भी इस मुहिम में अपने हस्ताक्षर किए और लोगों को प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ रविंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की बीमारियाँ हमारे शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं । इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स -डिमेंशिया) की है, ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है । इसीलिए इस बीमारी की जद में आने से बचाने के लिए हर साल 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स-डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है । इसका उद्देश्य जागरूकता लाना है ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियाँ लायी जा सकें
डॉ कुशवाहा ने बताया कि रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं । इसके चलते बातचीत करने में दिक्कत आती है या किसी भी विषय में प्रतिक्रिया देने में विलम्ब होता है । डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रोल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत होने के चलते भी इस बीमारी के चपेट में आने की सम्भावना रहती है । अल्जाइमर्स में वर्तमान याददाश्त पहले प्रभावित होती है जैसे कुछ लोग घर के नजदीक पहुंचने के बाद भी भूल जाते हैं उन्हें कहां जाना है या उनका घर कहां है।
जागरूक बनें, डिमेंशिया दूर करें :
इस भूलने की बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखें । नकारात्मक विचारों को मन पर प्रभावी न होने दें और सकारात्मक विचारों से मन को प्रसन्न बनाएं। पसंद का संगीत सुनने, बागवानी करने आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगायें तो यह बीमारी नहीं घेर सकती । मानसिक कसरत करें जैसे कि पहेलियां या सुडोकू हल करें, शतरंज जैसे दिमागी खेल खेलें, इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम और योगा को अपनाकर इससे बचा जा सकता है । दिनचर्या को नियमित रखें। धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें। यदि डायबिटीज या कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारी है तो उसको नियंत्रित रखने की कोशिश करें । संतुलित आहार लें ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close
Close