मन की सबलता से ही रुकेगी आत्महत्या-प्रो बीजी सिंह

अग्रसेन कन्या महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का हुआ समापन

वाराणसी। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग एवं व्हाइट मिरकल्स, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आत्महत्या निवारण दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित दो दिवसीय वेबिनार का आयोजन हुआ। “वर्किंग टूगेदर टू प्रीवेंट सुसाइड:सेविंग लाइफ-रेस्टोरिंग होप्स” राष्ट्रीय वेबिनार के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि पंडित सुन्दर लाल शर्मा मुक्त विश्विद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर वंश गोपाल सिंह ने कहा कि मन को मजबूत व आत्मविश्वास पैदा करके ही आत्महत्या को रोका जा सकता है।

प्रो सिंह ने कहा कि जीवन का अनुभव कम रहता है, मन की स्थिरता और परिपक्वता कम होने व महत्वाकांक्षा की अधिकता के कारण लोग ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। बीएचयू मनोविज्ञान विभाग के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर आरएन सिंह ने आत्महत्या के कारण और निवारण पर विस्तृत चर्चा कर बताया कि आज की जीवनशैली में कुंठा, निराशा, चिंता का और समस्या का आना स्वाभाविक है। ठीक वैसे ही उसका समाधान का होना भी उतना ही आसान है।सामाजिक अलगाव इसका एक बहुत बड़ा कारण है।ज्यादातर आत्महत्या के कारण कहीं न कहीं परिवार में निहित होते हैं। लोगों को एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने बड़े ही काव्यात्मक ढंग से कहा कि ‘आज नहीं तो कल निकलेगा, हर समस्या का हल निकलेगा।’अपर निदेशक, बेसिक शिक्षा एवं डायरेक्टर इंस्टीटूट ऑफ एडवांस स्टडी इन एजुकेशन , प्रयागराज ललिता प्रदीप ने कहा कि आज छोटे बच्चे भी अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं, परिवार, समाज का विघटन इसका एक बड़ा कारण है। चिंता, तनाव,अवसाद आज जिंदगी का एक हिस्सा है उससे हमें निपटना होगा।उन्होंने अपना नितांत निजी अनुभव भी शेयर किया। काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो आरपी सिंह ने कहा कि व्यक्ति में सहनशीलता कम हो रही है। प्रतिस्पर्द्धा बढ़ने के साथ ही तनाव भी बढ़ रहा है।उन्होंने विभिन्न समस्याओं से घिरे लोगों के मदद के लिए मनोवैज्ञानिकों का आह्वान किया।

गार्गी कॉलेज दिल्ली विश्विद्यालय,दिल्ली के मनोविज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सबीन रिजवी ने हैप्पीनेस इंडेक्स को बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि हमें दूसरों की भावनाओं को समझने की जरूरत है। कॉलेज की प्राचार्या डॉ कुमकुम मालवीय ने जीवनशैली पर बल दिया और कहा कि परिवार आए और सामाजिक मूल्यों के क्षरण के कारण ऐसी समस्याएं उभरी हैं।महाविद्यलय के प्रबंधक अनिल कुमार जैन ने संदेश के माध्यम से अपनी बात रखते हुए आत्महत्या की प्रवृत्ति कोविड-19 में बढ़ने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि सहयोग, स्नेह, साहचर्य, प्यार, तदनुभूति की आज बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ अभिज्ञान सिंह की सरस्वती वंदना से हुआ। समापन सत्र आज हुआ जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्रोo टीएन सिंह, कुलपति काशी विद्यापीठ रहे।

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