ज्ञानवापी मामला: वक्फबोर्ड का प्रार्थना पत्र जुर्माने के साथ मंजूर , निगरानी पर सुनवाई 13 को

वाराणसी। ज्ञानवापी मामले में पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता की ओर से दाखिल विलंब माफी के प्रार्थना पत्र को जिला जज उमेशचंद्र शर्मा की अदालत ने सुनवाई के बाद तीन हजार रुपये जुर्माने के साथ मंजूर करते हुए निगरानी याचिका पर सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तिथि नियत की है ।
बता दें कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) के निर्णय के खिलाफ निगरानी याचिका दायर करने में हुए विलंब के लिए क्षमा मांगते हुए जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस प्रार्थना पत्र पर प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ की ओर से वादमित्र ने समयावधि के बाद याचिका दायर करने पर आपत्ति जतायी थी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने निर्णय के लिए छह अक्टूबर की तिथि तय की थी। बताते चलें कि
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड तथा अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने मुकदमे की सुनवाई करने के सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) के क्षेत्राधिकार को चुनौती दी है। सिविल जज ने 25 फरवरी 2020 को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड तथा अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की चुनौती को खारिज कर दिया था। सिविल जज के फैसले के खिलाफ काफी दिनों बाद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने 18 सितंबर को जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर की थी ।

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