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पूर्व सीओ अमरेश सिंह बघेल की जमानत अर्जी खारिज
 दुष्कर्म पीड़िता व उसके सहयोगी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला 
 

वाराणसी। दुष्कर्म पीड़िता व उसके सहयोगी को आत्महत्या के लिये उकसाने के मामले में आरोपित भेलूपुर के तत्कालीन सीओ अमरेश सिंह बघेल की जमानत अर्जी जिला जज डॉ . अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अदालत में अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आलोक चंद्र शुक्ला ने जमानत अर्जी का विरोध किया। 

प्रकरण के अनुसार लंका थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक महेश पाण्डेय ने 30 सितम्बर 2021 को लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। आरोप था कि 29 सितम्बर 2021 को पुलिस आयुक्त के गोपनीय पत्र के साथ अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय की जांच आख्या 26 सितम्बर 2021 की प्रति प्राप्त हुई। उक्त दोनों प्रपत्रों के अनुक्रम में उन्हें यह प्रमाणिक रुप से स्पष्ट हो रहा है कि निलंबित सीओ अमरेश सिंह बघेल द्वारा भेलूपुर क्षेत्राधिकारी के पद पर रहने के दौरान मृत पीड़िता द्वारा लंका थाने में बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ दर्ज कराये गये दुष्कर्म के मामले में सांसद को बचाने की नियत से लोक सेवक के पद पर रहते हुए अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन में अपूर्ण व निराधार अभिलेखों की रचना की गयी।

इसके साथ ही अभियुक्त को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य विधिक एवं तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण आख्या तैयार किया जाना भी पाया गया। निलंबित सीओ के इस कृत्य से क्षुब्ध होकर पीड़िता व उसके सहयोगी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लिया । जिसके बाद निलंबित सीओ के खिलाफ आत्महत्या के उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज कर उन्हें बाराबंकी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं इसी मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को भी आत्महत्या के लिये उकसाने के आरोप में लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।