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प्राणघातक चोट पहुंचाने में पति-पत्नी को मिली सजा
 

वाराणसी। मामूली सी बात को लेकर गांव की एक महिला को ईंट -पत्थर मारकर प्राणघातक चोट पहुंचाने के मामले में गुरुवार को अदालत ने कपिलदेव तिवारी और उसकी पत्नी शिवशंकरी को दोषी पाते हुए दोनों को दंडित किया। अपर सत्र न्यायाधीश (तेरहवां) मनोज कुमार सिंह की अदालत ने दोनों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास एवं 20-20 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर प्रत्येक को एक-एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अभियुक्तों द्वारा जुर्माना देने पर अदालत ने पीड़ित पक्ष को बतौर क्षतिपूर्ति संपूर्ण धनराशि देने का आदेश दिया है। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी बिंदू सिंह ने पैरवी की।

घटना मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के छतेरी माधापुर गांव का है।अभियोजन पक्ष के अनुसार एक जून 2004 को शाम करीब छह बजे बसंत लाल गोड़ की पत्नी प्रभावती देवी अभियुक्त कपिलदेव तिवारी के घर के पश्चिम दिशा में ऊपरी पाथ रही थी। पास में ही कपिल देव का बेटा सुधीर शौच कर रहा था। प्रभावती देवी ने उसे दूर जाकर शौच करने की बात कही। इससे नाराज होकर सुधीर अपने छत पर जाकर प्रभावती देवी को गालियां देने लगा। इतने में कपिलदेव और शिवशंकरी भी छत पर आ गए और गाली-गलौज करते हुए प्रभावती देवी को मारने के लिए ललकारने लगा। तीनों प्रभावती देवी को ईंट-पत्थर से मारने लगे जिससे उसके सिर व शरीर पर चोटें लगी। इस हमले में बचाव करने आये प्रभावती के पति को चोट लगा। सुधीर के किशोर अपचारी होने के कारण उसके खिलाफ बाल न्यायालय में सुनवाई लंबित है।