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पुलिस हिरासत में मौत के आरोपी जौनपुर के फरार पुलिस कर्मियों पर इनाम घोषित
सीबीआई के बुलावे पर नहीं हो रहे हाजिर, मामला बक्सा थाने में कृष्णा यादव की संदिग्ध मौत का
 

जौनपुर। बक्सा थाने में पुलिस हिरासत में हुई कृष्ण कुमार यादव (कृष्णा) की मौत के मामले में सीबीआई ने नौ पुलिस कर्मियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। सीबीआई के बुलावे पर यह पुलिस कर्मी नहीं आए। यह पुलिस कर्मी अपने तैनाती स्थल से भी फरार बताए जा रहे हैं। अब इनकी तलाश करने वालों को सीबीआई ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। सीबीआई ने जिन पुलिस कर्मियों के खिलाफ इनाम घोषित किया है, उसमें बक्शा थाने के तत्कालीन प्रभारी अजय कुमार सिंह, आरक्षी कमल बिहारी बिंद, राज कुमार वर्मा, जितेंद्र सिंह, जौनपुर के तत्कालीन एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह, एसओजी के आरक्षी श्वेत प्रकाश, राजन सिंह, मुख्य आरक्षी जय शील तिवारी और अंगद प्रसाद चौधरी के नाम शामिल हैं।

एक लूट के मामले में कृष्ण कुमार यादव को 11 फरवरी को बक्सा थाने और एसओजी की टीम ने हिरासत में लिया था। कृष्ण कुमार के भाई अजय का आरोप था कि एक दर्जन की संख्या में पुलिस कर्मी उसे रात में 10 बजे लेकर गई। पुलिस कर्मी घर के अंदर रखे पैसे, आभूषण और अन्य सामान जबरन उठा ले गए। उसका भाई ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। अगले दिन अजय थाने पहुंचा तो उसे मिलने नहीं दिया गया। कुछ ही देर बाद कृष्ण कुमार यादव की पुलिस हिरासत में मौत हो गई।मल्हनी उपचुनाव के माहौल में इस मामले को लेकर काफी सियासत हुई। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस की अभिरक्षा में 24 साल के युवक की हुई मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। हाईकोर्ट ने कहा है कि आईपीएस रैंक अधिकारी एसपी और सीओ की संलिप्तता के आरोप के चलते पुलिस से निष्पक्ष विवेचना की उम्मीद नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा में क्रूरता से पिटाई से मौत, महत्वपूर्ण साक्ष्यों की अनदेखी, साक्ष्य मिटाने व गढ़ने का प्रयास और प्रभावी लोगों द्वारा विवेचना को हाईजैक करने की कोशिश पर निष्पक्ष पारदर्शी जांच कराना जरूरी है। सीबीआई ने सितंबर महीने में इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।