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आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी के मु्द्दे पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श करने का आह्वान किया
 

भारतीय रिजर्व बैंक-आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी के मु्द्दे पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श करने का आह्वान किया है। कल भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री दास ने कहा कि बृहद आर्थिक व्यवस्था और वित्तीय स्थिरता के मद्देनजर क्रिप्टोकरेंसी का मुद्दा बहुत सोचनीय है और इसमें गंभीर मुद्दे शामिल हैं, इसलिए इसपर गहरा विचार होना चाहिए। आरबीआई के गवर्नर ने क्रिप्टोकरेंसी में वर्तमान ट्रेडिंग नंबर पर संदेह व्यक्त किया और कहा कि निवेशकों को उधार राशि की पेशकश करके खाते खोलने के लिए लुभावने वायदे किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आरबीआई बैंकों की रणनीति पर नजदीकी नजर रखे हुए हैं। न्यामक संस्था बैंकों के व्यवसायिक फैसलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, लेकिन इसके साथ ही वह उनके कारोबार के तौर-तरीकों पर निगरानी जरूर रखेगा। इस बीच, आर्थिक परिदृश्य पर विचार व्यक्त करते हुई आरबीआई के गवर्नर ने कहा कि अब आर्थिक स्थिति में सुधार के आसार नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के मौसम के कारण उपभोक्ता मांग बढ़ी है जिससे आर्थिक सुधार हा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति का लाभ उठाते हुए व्यापारिक संस्थाओं को अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए ताकि रोजगार और निवेश के अवसर बढे। श्री दास ने यह भी कहा कि जून 2021 की तुलना में सितंबर 2021 में सकल घाटा संपत्तियों में कमी आई है। उनका कहना था कि इसके मद्देनजर वित्तीय संस्थाओं को अपनी जमा पूंजी प्रबंधन की प्रक्रिया को और बेहतर बनाना चाहिए।