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सीतारमण ने गांधीनगर में वैश्विक वित्तीय सेवा केंद्र के लिए मंजूर किए 469 करोड़ रुपए
 

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को यहां गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक (गिफ्ट) सिटी में भारत के पहले वैश्विक वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) के विकास और उसकी प्रगति में मदद के लिए 469 करोड़ रुपये के दो प्रस्तावों को मंजूदी दी।वित्त मंत्रालय के अनुसार इसमें से 200 करोड़ रुपये इसके मुख्यालय भवन के लिए और 269.05 करोड़ रुपये पर्यवेक्षण कार्यों में सहायक प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना की स्थापना के लिए मंजूर किए गए हैं।इस अवसर पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार यहां गिफ्ट सिटी को फिनटेक और सेवाओं (वित्तीय प्राैद्योगिकी एवं सेवाओं) का विश्व स्तरीय केंद्र बनाने को प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उन्हें वर्ष 2021-22 के बजट में भी इस प्रतिबद्धता का उल्लेख कर चुकी है।उन्होंने कहा कि बजट में आईएफएससी से सबंधित घोषणाओं में वायुयान के पट्टे देने वाली कंपनियों को पूंजीगत लाभ पर कर-अवकाश, विदेशी कंपनियों को वायुयान पट्टे के किराए के भुगतान पर कर में छूट, आईएफसी में विदेशी पूंजी लाने पर कर प्रोत्साहन और इसमें विदेशी बैंकों के निवेश प्रभागों को कर में छूट के प्रावधान किए गए हैं।वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण के नेतृत्व में वित्त एवं कॉरपोरेट मंत्रालय के सात सचिवों का एक दल आज यहां आया हुआ है।

इस दल ने गिफ्ट-सिटी में भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) के विकास और उसकी प्रगति पर चर्चा की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार उनके साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और डॉ. भागवत कृष्णाराव कराड भी थे।भारत के भीतर भारतीय कंपनियों के लिये वैश्विक वित्तीय सेवा बाजार के प्रवेश द्वार के रूप में गिफ्ट-आईएफएससी की भूमिका, वैश्विक वित्तीय व्यापार को भारत के प्रति आकर्षित करने, गिफ्ट सिटी-आईएफएससी को फिनटेक के वैश्विक केंद्र के तौर पर विकसित करने के मुद्दों पर चर्चा हुई।

वित्त मंत्री सीतारमण ने गिफ्ट सिटी में प्रमुख अवसंरचना सुविधाओं का भी दौरा किया और आईएफएससी में उपस्थित विभिन्न हितधारकों/संस्थाओं से बातचीत की।उल्लेखनीय है कि गिफ्ट-आईएफएससी की रचना इस दृष्टि के तहत की गई थी कि उन सभी वित्तीय गतिविधियों को बाहर से वापस लाना है, जो पहले यहीं शुरू हुई थीं। इस तरह आत्मनिर्भर भारत की भावना को वास्तविकता में बदलना है।

केंद्र और गुजरात सरकार, गिफ्ट सिटी और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण, गिफ्ट-आईएफएससी के लिये एकीकृत वित्तीय क्षेत्र निमायक ने यहां मिलकर सुविधाओं के विकास का इस तरह प्रयास किया है, ताकि इस केंद्र में विश्व स्तरीय वित्तीय नियम, मजबूत अवसंरचना, प्रतिस्पर्धी कर प्रणाली और हवाई-जहाज किराये पर देने, सोने-चांदी का कारोबार तथा वैश्विक इन-हाउस केंद्रों जैसी सेवाओं तथा अभिनव और विभिन्न वित्तीय उत्पाद सहित तमाम तरह के अवसरों की तलाश की जा सके।