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अतीक, मुख्तार और खानदान के विकास तक ही सीमित थी सपा की सोच: सिद्धार्थ नाथ
विकास के सूरज को हथेली से ढकने का प्रयास कर रहे अखिलेश
 
विकास हुआ तो दिखेगा ही, आपको नहीं पर जनता को जरूर ,भाजपा जिस काम का शिलान्यास करती है उसका उद्घघाटन भी

लखनऊ : अखिलेशजी सूरज (विकास) को हथेली से नहीं ढका जा सकता है। विकास  हुआ है तो दिखेगा ही। आपको भले न दिखे,पर जनता को दिख रहा है। पहली बार वह प्रदेश का समग्र विकास देखकर खुश भी है। 
ये बातें प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने गुरुवार को जारी एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारें अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे दुर्दांत अपराधियों और माफियाओं का विकास करती रही हैं। खानदान के विकास का रास्ता बनाती रही। बेगुनाहों का खून बहाने वाले आतंकियों की अदालतों में पैरवी करती रहीं। आपके विकास की सोच ही एकांगी थी। आप तो एक वर्ग के वोट की फसल के जरिए येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहने के लिए इनके तुष्टिकरण की राष्ट्रघाती राजनीति करते रहे। इसके लिए किसी भी हद तक गिरने में आपको हिचक नहीं।

उन्होंने कहा किआज जब योगी सरकार सबसे गरीब आदमी के चेहरे पर संतोष की मुस्कान ला रही है। सबका साथ,सबका विकास का नारा साकार हो रहा है। बिना भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ हर पात्र को विकास की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सोच से पूरी तरह नकारात्मक हो चुके अखिलेश यादव को यह सब नहीं सुहा रहा। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जिस काम का शिलान्यास करती है उसका उद्घाटन भी करती है। यह हो रहा है। लोग देख भी रहे हैं। यही अखिलेश यादव की चिंता की असली वजह भी है। इसी के चलते सपा सुप्रीमो आये दिन अनर्गल प्रलाप करते रहते हैं। सपा की सरकारों को जनविरोधी बताते हुए सरकार के प्रवक्ता ने सवालिया अंदाज में कहा कि सपा को वर्ष 1989, 1993, 2002 और 2012 में प्रदेश की सेवा का मौका मिला, लेकिन अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उन्होंने प्रदेश को अराजकता, भ्रष्टाचार और माफियाराज के अलावा और क्या दिया?