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बाराबंकी के रामकेश ने मुख्यमंत्री से कहा, सुना था पर देख भी लिया रामराज्य

योगी जी आप जो कर रहे हैं उसे पूरा देश देख रहा है . बरेली के वेदपाल ने पूछा कैसे कर ले जाते हैं आप इतना सब कुछ? . झांसी के दुर्जन सिंह ने कहा, आप हैं तो हम निश्चिंत हैं .

गिरीश पांडेय

लखनऊ,। यकीनन दिल की बात जुंबा तक आ ही जाती है। यह अमूमन सच भी होती है। शर्त यह है कि ऐसी बातचीत में अपनापन हो। मजदूर दिवस पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब कुछ श्रमिकों से बात की तो ऐसा ही हुआ। मुख्यमंत्री ने जिन लोगों से बात की वह वे लोग थे जो लॉकडाउन से सर्वाधिक प्रभावित हैं। जिनके परिवार को गुजर-बसर उनकी दिहाड़ी पर होती है। हालांकि मुख्यमंत्री की अगुआई में उनके हित के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। हर किसी के खाते में भरण-पोषण के लिए एक-एक हजार रुपया, मानक के अनुसार राशन दिये जा रहे हैं। रोजगार देने का भी सिलसिला शुरू हो गया है, इस सबके बावजूद बातचीत को सबसे प्रभावी मरहम माना गया है। मुख्यमंत्री ने कल यही मरहम लगाने और यह संदेश देने के लिए प्रदेश के कुछ श्रमिकों से बात की कि सरकार पूरे संसाधनों और प्रतिबद्धता से उनके साथ खड़ी है। बातचीत कैसी रही सुनिये उन्हीं श्रमिकों की जुबानी।

अमर केश शर्मा बाराबंकी के हैं। वह राजमिस्त्री का काम करते हैं। एक बारगी तो उनको यकीन ही नहीं हुआ कि वह मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं। बात शुरू हुई तो उन्होंने कहा कि अब तक रामराज्य के बारे में सुना था, लेकिन अब देख भी लिया। ‘हम लोग अभी तक यही देखते रहे हैं कि पुलिस गांव में लाठी और वॉरंट लेकर आती थी, लेकिन आपके राज में पुलिस खाना और दवाएं लेकर आ रही है, यही तो रामराज्य है। अमरकेश यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप गरीबों और मजदूरों के लिए जो कर रहे हैं, उसको पूरा देश देख रहा है। हम सबकी ओर से आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।‘’

वेदपाल बरेली के हैं। दिहाड़ी से ही पूरे परिवार का गुजर-बसर होता है। मुख्यमंत्री से बातचीत का मौका मिला तो उन्होंने वही सवाल किया जो बहुतों के जेहन में रहता है। वेदपाल ने कहा कि इतनी बड़ी आपदा में देश के सबसे बड़े प्रदेश को आप कैसे संभाल ले गए? मुख्यमंत्री का जवाब था कि यह सब 23 करोड़ की जनता के ताकत, सहयोग स्नेह, समर्थन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से संभव हो रहा है। वेदपाल ने कहा कि मुझे प्रशासन की ओर से राशन और मदद की राशि मिल चुकी है।

झांसी के दुर्जन सिंह ने कहा कि हम लोगों का पक्का यकीन है कि आप हैं तो हम जैसे लोगों की चिंता होती रहेगी। आपकी अगुआई में हम जल्दी ही कोरोना के इस अभूतपूर्व संकट से भी पार पा जाएंगे। सहायता राशि और खाद्यान्न के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

मालूम हो कि शुक्रवार एक मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के श्रमिकों से मुखातिब थे। इस दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए कुछ श्रमिकों से कोरोना संकट के दौरान उनको दी जाने वाली सहायता राशि और राशन के बारे में फीड बैक भी लिया।

धैर्य रखें सब ठीक होगा : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धैर्य संकट का सबसे बड़ा साथी है। धैर्य रखें। लॉकडाउन के अनुपालन में शासन और प्रशासन का सहयोग करें। शीघ्र ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। यही सबके हित में है। रही बात आपके सम्मान की तो आप लोग विकास की बुनियाद हैं। आपके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। सरकार हर संभव आपके हितों और रोजगार का ध्यान रखेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 30 लाख श्रमिकों के खातों में भरण-पोषण राशि के रूप में एक-एक हजार रुपये की राशि भेजी। इससे पहले भी इतनी ही राशि इन श्रमिकों के खाते में भेजी जा चुकी है। उन्होंने दूसरे राज्यों से अपने लाखों श्रमिकों को लाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को भी दुहराया।

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