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दवाओं, टीकों की जरूरी सामग्री का देश में उत्पादन बढ़ाना जरूरी: मोदी
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन और दवाओं के उत्पादन में काम आने वाली जरूरी सामग्री का भारत में निर्माण बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है।प्रधानमंत्री ने औषधि क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों को भातर में दवाओं का अनुसंधान एवं विकास करने तथा यहां से वैश्विक बाजार के उत्पादन करने के लिए आमंत्रित किया।श्री मोदी ने राजधानी में औषधि क्षेत्र पर भारत के पहले वैश्विक नवप्रवर्तन सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी उपस्थित थे।श्री मोदी ने औषधि क्षेत्र में देश की क्षमता के विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा, “आज जबकि देश की एक अरब 30 करोड़ जनता भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प में जुटी है, हमें वैक्सीनों और दवाइयों की महत्वपूर्ण सामग्री का उत्पादन देश में बढ़ाने के बारे में जरूर सोचना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा माेर्चा है जिस पर भारत के लिए विजय हासिल करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि लाइफ स्टाइल, दवाओं, औषधि प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा के हर पहलू को लेकर पिछले दो वर्ष में भारत ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।श्री मोदी ने कहा कि महामारी ने भारत के औषधि विनिर्माण क्षेत्र को आकर्षण का केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र ने दुनिया का विश्वास जीता है। यही कारण है कि भारत को दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है।श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य के मुद्दे को सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता है और इस बात को कोविड-19 महामारी ने साबित कर दिया है। भारत इसी भावना से चलता है। उन्होंने अपनी इस बात पर बल देने के लिए कहा, “ हमने महामारी के दौर में 150 से अधिक देशों को जीवन रक्षक औषधियों और चिकित्सा साजो-सामान का निर्यात किया।”