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शहीद किसानों को याद करते हुए किसान संघर्ष दीपोत्सव मनाया गया
 

किसान सत्याग्रह और जॉइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले लंका गेट BHU पर 'किसान संघर्ष दीपोत्सव' मनाया गया। किसान आंदोलन की पहली जीत पर 750 दीपकों का प्रज्वलन कर शहीद किसानों को याद किया गया तथा ढोल नगाड़ों बजाते हुए लंका गेट पर जश्न मनाया गया। सालभर से देश भर के किसान तीन कृषि कानून के खिलाफ व  MSP पर कानून बनाने को लेकर दिल्ली सीमा पर संघर्ष कर रहा है। इस संघर्ष में अब तक 700 किसान शहीद हो चुके हैं। दुःख की बात है कि भाजपा की केंद्र सरकार व राज्य सरकार लगातार किसान आंदोलन को बदनाम करने,आंदोलन को तोड़ने का प्रयास की। भाजपा का केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का बेटा लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों की हत्या भी किया। लेकिन किसानों के मजबूत इरादों के कारण भाजपा सरकार व नरेंद्र मोदी को पीछे हटना पड़ा। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृषि कानून के वापसी की बात करना किसान आंदोलन के ताकत को दर्शाता है। तानाशाह अहंकारी मोदी सरकार लगातार किसानों के बातों की उपेक्षा करती रही तथा कारपोरेट कानून के समर्थन में अडानी-अम्बानी जैसे पूंजीपतियों की पक्षधर रही। आज किसानों के आगे इस पूंजीवादी मोदी सरकार को झुकना पड़ा। यह सैकड़ो शहीद व लाखों संघर्षरत किसानों के संघर्ष का परिणाम है। तीन काले कृषि कानून के वापसी की बात किसानों के आंदोलन की पूर्णतयः जीत नहीं है।  किसानों की शहादत को जाया नहीं नहीं जाने दिया जाएगा। किसान आंदोलन के सभी मांग पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम में जॉइंट एक्शन कमिटी व किसान सत्याग्रह के बैनर तले ओम शुक्ला, दिवाकर सिंह,धनंजय, निहार ,फादर लुइस प्रकाश, सुजाता,  डॉ इंदु पांडेय, राज अभिषेक , शांतनु राजेश अर्जुन, विवेक, नीरज ,शाश्वत ,कमल, शशि, गौरव, साक्षी, राहुल और धनंजय आदि शामिल रहे।