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राजातालाब में तीनों काला कृषि कानून वापस लेने का स्वागत ​​​​​​​

नेताओं ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से माफी मांगें

 

वाराणसी: राजातालाब स्थित मनरेगा मज़दूर यूनियन के सभागार में शुक्रवार को पूर्वांचल किसान यूनियन के आह्वान पर एक बैठक हुई. इसमें मोदी सरकार द्वारा तीन काला कृषि कानून वापस लेने की घोषणा का स्वागत किया गया. बैठक में यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल ने कहा कि ऐसा होना किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत है. तीन काला कृषि कानून के खिलाफ लंबे समय से चले आ रहे किसान आंदोलन को केंद्र सरकार ने माओवादी, खालिस्तानी, राष्ट्रद्रोही के नाम पर कुचलने का प्रयास किया, परंतु किसान आंदोलन और तेज होता गया. उसका परिणाम है कि मोदी सरकार को तीन काला कृषि कानून वापस लेना पड़ा. वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से माफी मांगें. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीदी का केंद्र सरकार कानूनी तौर पर गारंटी सुनिश्चित करे. इसके पहले सभी ने जय भीम फ़िल्म देखी। अंत में आराजी लाईन ब्लाक के समक्ष जाकर संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लेकर संविधान की प्रस्तावना पढ़कर शपथ लिया और 26 नवम्बर को संविधान दिवस के दिन घर, गाँव, मुहल्लों और बस्तियों में दीप प्रज्वलित कर संविधान शक्ति युग मनाने हेतु निर्णय लिया गया। इस अवसर पर योगी राज सिंह पटेल, राजकुमार गुप्ता, सुरेश राठौर, मनीष शर्मा, अनूप श्रमिक, गणेश शर्मा, प्रभु नारायण पटेल, सेवा पटेल, अली हसन, अरमान, श्रद्धा, रेनू, प्रियंका, रीना. निशा, अजय, रोहित, सीता, राजकुमारी, पूजा, मुस्तफ़ा आदि लोग उपस्थित थे।