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देवदीपावली :नौका सैर के लिये अब लोग खोज रहें जुगाड़
सभी नाव एवं बजड़े हो चुके हैं बुक, मुंहमाँगा रुपया देने पर सुननी पड़ रही ना
 
राउंडिंग वाले बोट पर घूमने को जेब करनी होगी ढीली

वाराणसी ।देवदीपावली पर नाव व बजड़े पर सवार होकर घाट की छटा निहारने के लिए अब लोग जुगाड़ लगा रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ रहा है क्योंकि सभी बड़े स्टीमर,बजड़े पहले से ही बुक हैं। घाट पर नाविकों के मोबाईल की घंटी लगातार घनघना रही है।नौका के लिये लोकल के अलावा बाहरी लोग भी संपर्क कर रहे हैं।अधिकांश लोगों को नाविक ना ही कर दे रहें हैं।

बजड़ों की संख्या कम,पूरे दिन की है बुकिंग-

नाविक प्रदीप साहनी ने बताया की दशाश्वमेध, अस्सी केदारघाट,राजघाट, शिवाला आदि घाट पर कम ही लोगों के पास बजड़ा है।अधिकांश को बड़े होटल पहले बुक कर चुके हैं। कुछ वीवीआईपी लोगों के लिये भी रिजर्व हैं। हम लोगों के पुराने ग्राहक भी हैं जिनके लिये स्टीमर नाव रिजर्व है। देवदीपावली पर बुकिंग वाले नाव, बजड़े शाम 4:30 के लगभग चलेंगी जो रात 8:30 पर घाट किनारे वापस आएगी।

दूसरे जिले से भी नाव,स्टीमर लेकर आते हैं लोग- 

विश्वप्रसिद्ध देवदीपावली पर काशी के घाट घूमने की चाहत में मिर्जापुर, भदोई से भी लोग बजड़े व स्टीमर से आते हैं। केदारघाट निवासी मदन साहनी ने बताया कि अपने समाज के लोग कमाने के उद्देश्य से स्टीमर बजड़ा, छोटी नाव लेकर आते हैं।जिनकी इस दिन मोटी कमाई हो जाती है। हालांकि प्रशासन ने इस बार बाहर से आने वाले नाव के लिये बैरिकेडिंग करने की योजना बनाई है लेकिन हो सकता है प्रतिबंध लगने से पहले कल ही ये लोग आ जाये। 

राउंडिंग बोट ही एकमात्र विकल्प-

नाविक पिंटू ने बताया कि देवदीपावली पर  राउंडिंग बोट ही एकमात्र विकल्प बचा है जिसपर बैठकर लोग घाट की सैर कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि राउंडिंग बोट कोई अस्सी से दशाश्वमेध, कोई केदारघाट से मणिकर्णिका तक सवारी ले जाता है। लगभग 40 मिनट का ट्रिप होता है। हर ट्रिप का अलग अलग रेट होता है। क्योंकि सबसे ज्यादा भीड़ शाम 5 से 8 बजे तक होती है। 100 से 200 रुपये प्रति व्यक्ति पर ट्रिप का लिया जाता है।