logo
पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर वामपंथी कार्यकर्ताओ ने निकाला जुलूस, की सभा
 
पिंडरा। लखीमपुर में किसानो के हत्या को नरसंहार संज्ञा देते हुए घटना के खिलाफ सँयुक्त रूप से वामपंथी दल और  ऐपवा ने  विरोध प्रदर्शन मंगलवार को सिंधोरा में दोपहर बाद किया। इसके पूर्व पुलिस प्रशासन व कार्यकर्ताओं  के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा और  इसके सिंधोरा पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में भी ले चुकी थी। लेकिन दोपहर बाद अचानक वामपंथी दलों के कार्यकर्ता सिंधोरा बाजार में सड़क पर उतरे और पुलिस सुरक्षा को धता बताते हुए जुलूस निकालकर कर प्रदर्शन किया। जबकि पुलिस ने  सीपीआई के कामरेड जयशंकर प्रसाद, सीपीएम से  नन्दाशास्त्री और सीपीआई (एमल ) से  अमरनाथ यादव   को सुबह से ही हिरासत में लेकर सिंधोरा थाने में बैठा लिया गया था। इसके बावजूद भी पुरुष व महिला कार्यकर्ताओ  ने सिंधोरा बाजार में  प्रतिरोध मार्च निकाला औऱ सिंधोरा चौराहे के समीप सभा की।।                   
सभा को सम्बोधत करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब तक लखीमपुर किसान नरसंहार के आरोपित आशीष मिश्रा  को कड़ी सजा की गारंटी नही होती और केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की मंत्री पद से बर्खास्त को नही किया जाता तब तक उत्तर प्रदेश की  जनता किसानों के हक़ में  आंदोलन करती रहेगी। वक्ताओं ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन सिर्फ किसानों का नही वल्कि अब जनता का आंदोलन बन गया है और जब तक यह  तीनों कृषि कानूनों को सरकार वापस नही लेती तब तक किसानों औऱ मजदूरों की एकता के पक्ष में सड़को पर उतरती रहेगी। सभा का संचालन ऐपवा की राज्य सचिव कुसुम वर्मा ने किया। सभा को  कृपा वर्मा, प्रो निहार भट्टाचार्य,  डॉ नूरफतिमा, विभा वाही,  कमरेड साकेत ,  रूखसाना, का.अशोक,  प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश यादव ने सम्बोधित किया। मृतक किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।