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मानसिक चिकित्सालय पाण्डेयपुर मे "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस" के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

मेंटल हेल्थ केयर एक्ट 2017 के बारे में विस्तार से लोगों को बताया गया

 

मानसिक बीमारी भी अन्य बीमारियों के समान ही है जिसका इलाज संभव है-कुमुद लता त्रिपाठी

वाराणसी। भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जनपद के विभिन्न स्थानो पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर लोगो को उनके विधिक अधिकारो के प्रति जागरूक किया गया। मानसिक चिकित्सालय पाण्डेयपुर मे "विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस" के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 
         विधिक सचिव कुमुद लता त्रिपाठी द्वारा
बताया गया कि हमारे देश में अभी भी मानसिक बीमारी के ईलाज को लेकर व्यक्तियों में जागरूकता का अभाव है। कोई भी व्यक्ति शारीरिक बीमारी होने पर उसका तुरंत इलाज कराता है, परंतु मानसिक समस्या होने पर वह उसे अभिशाप समझता है। हमें समझना होगा कि मानसिक बीमारी भी अन्य बीमारियों के समान ही है जिसका इलाज संभव है जरूरत है की मानसिक बीमारी होने पर मनोचिकित्सक की राय लेकर उसका इलाज कराया जाए। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए हमें अपने अंदर अच्छे विचारों को ही आने देना होगा तथा गलत विचारों से दूर रहना होगा, क्योंकि विचार का सीधा असर मस्तिष्क पर पड़ता है। विधिक सचिव द्वारा
मेंटल हेल्थ केयर एक्ट 2017 के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए यह कहा गया कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति जो मानसिक बीमारी से ग्रसित है को इस एक्ट के तहत उपचार कराए जाने का अधिकार प्राप्त है। मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति का उपचार सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में किया जाना प्रावधानित है। यदि कोई ऐसा व्यक्ति जो बहुत गरीब है तथा जिसके पास घर भी नहीं है ऐसे व्यक्ति को निशुल्क उपचार प्रदान करने संबंधी व्यवस्था इस अधिनियम के अंतर्गत समाहित है। इस अधिनियम के द्वारा उपचार के अमानवीय तरीकों को प्रतिबंधित करते हुए मानसिक रोगियों के उपचार के व्यवस्था की गई है। यदि कोई व्यक्ति अवसाद से ग्रसित होकर सुसाइड करने का प्रयास करता है तथा जीवित बच जाता है तो उसे उसकी मानसिक स्थिति साबित कर दिए जाने पर दंडित नहीं किया जाएगा। इस अधिनियम के अंतर्गत उपबंधित प्रावधानों का उल्लंघन होने पर छह माह की सजा या दस हजार रुपये की जुर्माना या दोनों तथा प्रावधानों का बारबार उल्लंघन होने पर 2 साल की सजा या 50 हजार से लेकर 5 लाख तक के जुर्माना से दंडित करने संबंधी प्रावधान किया गया है इस अधिनियम के अंतर्गत मानसिक रोगी के सही हो जाने पर उसके पुनर्वास संबंधी प्रावधान भी बनाए गए हैं जिससे कि वह समाज में गरिमा एवं सम्मान पूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर सकें। डब्ल्यूएचओं द्वारा इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम मेंटल हेल्थ केयर फॉर ऑल रू लेट्स मेक इट अ रियलिटी दिया गया है, जिसे
मानसिक मानसिक रूप से स्वस्थ रहने हेतु प्रत्येक व्यक्ति द्वारा दृढ़ संकल्प होकर ही संभव बनाया जा सकता है। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को योगा मेडिटेशन अपने दिनचर्या का भाग बनाना होगा।
        इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा महिला कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान मे राजकीय पाश्चातवर्ती देख रेख संगठन, जैतपुरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओ को पास्को, एसिड अटैक, दहेज अधिनियम, लैगिंक उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनाओ के बारे मे जानकारी दी गयी। तहसील सदर के अन्तर्गत ग्राम कादीपुर के निर्देशित लेखपाल अमन कुमार सिंह व ग्राम
सुल्तानपुर में निर्देशित लेखपाल स्मिति गुप्ता द्वारा ग्राम प्रधान के समन्वय से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर लोगो को निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकार तथा शासन द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। तहसील राजातालाब के अन्तर्गत ग्राम- चित्रसेनपुर हेतु निर्देशित लेखपाल अनुराग चौधरी द्वारा ग्राम प्रधान के समन्वय से शिविर का आयोजन कर लोगो को निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकार तथा शासन द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओ के बारे में बताया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के ग्राम चिरईगाँव, पिण्डरा, असवालपुर, राजेतारा, बरईपुर, बाराडीह, कालिकाधाम, बेला व चोलापुर मे ग्रामीणों व अन्य व्यक्तियो को आशा एवं आशा संगनी के द्वारा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा व्यक्तियों को उनके विधिक अधिकार के बारे में जागरूक किया गया। सचिव कुमुद लता त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि पी०एल०वी० मनोज कुमार, भरत भुआल, संजय कुमार पटेल प्रथम, संजय कुमार पटेल द्वितीय द्वारा तहसील पिण्डरा के अन्तर्गत ग्राम-चुप्पेपुर, झंझौर, नेवारी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर उपस्थित बालिकाओं को बच्चो को लैगिंक अपराध से संरक्षण अधिनियम तथा महिलाओ को प्राप्त कानूनी अधिकार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी।