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मोदी-योगी का किसानों की आय दुगनी करने का संकल्प सफ़ल होता दिख़ रहा है

कोरोना काल के बाद एक बार फिर हरी सब्जियों ने ली दुबई की उड़ान

 

पूर्वांचल बनता जा रहा हरी सब्जियों के निर्यात का हैब

योगी सरकार में पहले भी पूर्वांचल से लंदन व खाड़ी देशों को जा चुकी  है ,सब्जियों का खेप। 

कोरोना काल में ब्रिटेन गई थी पूर्वांचल की मिर्च। 

वाराणसी। 12 अक्टूबर मोदी-योगी का  किसानो की आय दुगनी करने का संकल्प सफ़ल होता दिख़ रहा है । पूर्वांचल की हरी सब्जियों ने एक बार फ़िर खाड़ी देशों की उड़ान भरना शुरू कर दिया  है। दुबई  और शारजहॉ के शेख़ पूर्वांचल की पौष्टिक सब्जियों  का स्वाद चख़ सकेंगे । बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान हरी सब्जियों को लेकर  उड़ान भर दिया है । दो मीट्रिक टन के कार्गो में  परवल, भिंडी , नेनुआ कुंदरू व सूरन आदि सब्जियां है। 2020 में भी लंदन ,दुबई ,दोहा क़तर जैसे कई देशों में  हरी मिर्च ,बनारसी लंगड़ा आम,काला चावल निर्यात ही चुका है। बिचौलियों को बीच से हटा कर अब किसान खाद्य पदार्थों का सीधा निर्यात कर रहा है। जिससे उनको  अधिक मुनाफ़ा मिल  रहा है। 
योगी सरकार ने पूर्वांचल  के  किसानों को  अब एक्सपोर्ट  बना दिया है। किसानों के समूह  (FPO ) फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन के माध्यम से किसान बिना बिचौलियों के सीधे निर्यात कर रहे है। जिससे उनकों अधिक मुनाफ़ा हो रहा है। सरकार बिचौलियों को बीच  से हटा कर किसानों की मेहनत का पूरा पैसा उनको दिलाना चाहती है। सरकार किसानो की आय दुगनी करने में तेजी से सफल हो रही है। जिसमे खेती का आधुनिकीकरण,किसानों का  प्रशिक्षण ,अच्छे बीज व खाद की समय से उपलब्धता ,दैवीय आपदा में समय से उचित मुआवजा आदि सरकारी सहायता शामिल है। 

क्षेत्रीय प्रभारी एपीडा डॉ सीबी सिंह ने बताया कि  प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के  लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इस सीज़न का पहली बार पूर्वांचल के जिलों वाराणसी ,प्रयागराज ,भदोही से दो मीट्रिक टन हरी सब्जियां यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के दुबई और शारजाह के लिए रवाना हुई है। जिसमें भिंडी, नेनुआ, परवल, कुंदरु, सूरन है। ये सब्जियां भदोही के  फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन
के माध्यम से जा रही है। जिसमें क़रीब 15 -20 किसान  जुड़े है। जबकि पूर्वांचल में क़रीब 35 से 40 एफपीओ सक्रिय है। जिससे क़रीब 35 से 40 हज़ार  किसान जुड़ कर अपनी आय बढ़ा रहे है। 

क्षेत्रीय प्रभारी एपीडा ने बताया कि वाराणसी को एग्री एक्सपोर्ट सेंटर बनाने का सिलसिला तो पहले से चल रहा था।  लेकिन धरातल पर 1 नवंबर 2019 को उतरा। जब  प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी  में बायर और सेलर  मीट का आयोजन हुआ।जिसमें  20 निर्यातक और 25 एफपीओ जिसमें 120 एफपीओ  से जुड़े  किसान थे। क्षेत्रीय प्रभारी एपीडा  बताया कि वाराणसी से दिल्ली और फिर लंदन के लिए  23 अप्रैल 2020 को 3 मीट्रिक टन ताज़ी  हरी मिर्च जा चुकी है। 
 
 मई 2020 में दुबई के लिए तीन मीट्रिक टन फ्रेश लंगड़ा आम एक्सपोर्ट हुआ है।  आम के लिए नया बाजार  लंदन मिला जहाँ जून 2020 को 1.2 मीट्रिक टन आम एक्सपोर्ट हुआ था । धान का कटोरा कहे  वाले जिला चंदौली से एपीडा के प्रयास से  एक्सपोर्टर ने जून 2020 में  80 मीट्रिक टन काला चावल का धान लिया।  और  68 लाख  सीधे 152 किसानो के खाते में पंहुचा था  दिसंबर में ही चंदौली का क्षेत्रीय चावल दोहा क़तर के लिए 520 मीट्रिक टन एक्सपोर्ट किया गया था । जिसमे 12 मीट्रिक टन चंदौली का  काला चावल सहित 532 मीट्रिक टन चावल क़तर निर्यात हुआ था। ओमान के ग्लोबल लोजिस्टिक्स ग्रुप ने भी वाराणसी का दौरा  किया था । जिससे एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया जा सके। किसानों  और एफपीओ को अधिक आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए  एफपीओ  को जुलाई 2020 से एक्सपोर्ट का लाइसेंस भी दिया जाने लगा है। इसके अलावा किसानों की मेहनत की फ़सल और भी निर्यात हुई है