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शिव के आंगन में मां अन्नपूर्णा पधारी ,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्राण-प्रतिष्ठा
माता अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा का काशी में अपने धाम में वापस आकर पुनरस्थापित होने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है-योगी आदित्यनाथ
 

राम जन्म भूमि के लिए 500 वर्षों से लड़ाई चल रहा था, कितने ही लोग इसके लिए शहीद हुए-सीएम

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा एवं प्रयास से कनाडा की रेजिना यूनिवर्सिटी से 108 साल बाद भारत वापस लायी गयी माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा का काशीवासियों ने बेमिसाल अंदाज में स्वागत किया। माता के आगमन की खुशियों का उल्लास कण-कण में बिखरा है। 108 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सोमवार सुबह मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंची। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा यात्रा की अगवानी की। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारे और हर-हर महादेव के उद्घोष से गुंजायमान रहा। 

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मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सोमवार सुबह मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इसका विधान श्रीकाशी विद्वत परिषद के निर्देशन में काशी विश्वनाथ मंदिर का 11 सदस्यीय अर्चक दल ने सुबह छह बजे शुरू कर दिया था। मुख्य अनुष्ठान में सुबह खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यजमान बने। कनाडा से काशी पहुंची माता अन्नपूर्णा की प्राचीन मूर्ति को बाबा विश्वनाथ के विशेष रजत सिंहासन पर विश्वनाथ धाम में प्रवेश कराया गया। मां अन्नपूर्णा की रजत पालकी को योगी आदित्यनाथ ने कंधा देकर मंदिर परिसर में प्रवेश कराया। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद महाभोग अर्पित कर महाआरती की गई। मूर्ति स्थापना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई। जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर बाबा से आशीर्वाद मांगा। जनकल्याण के भावों से बाबा का पूजन अर्चन कर वहां से रवाना हुए।

इस अवसर पर सिगरा स्थित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र "रुद्राक्ष" सभागार में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 108 वर्ष बाद अन्नपूर्णा की मूर्ति पुनः अपने काशी धाम में आकर विराजमान हो गई है, पूरे काशी में उत्सव सा माहौल है। माता अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा का काशी में अपने धाम में वापस आकर पुनरस्थापित होने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है, इसके लिए उन्होंने काशीवासियों सहित प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विरासत का संरक्षण कैसे हो प्रधानमंत्री ने करके दिखाया है। योग भारत का विरासत है, इसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने एवं 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने एवं कुम्भ वैश्विक मंच पर भारत की संस्कृति विरासत का प्रतीक बने, यह भी प्रधानमंत्री के प्रयास से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम जन्म भूमि के लिए 500 वर्षों से लड़ाई चल रहा था, कितने ही लोग इसके लिए शहीद हुए। परिणाम के किसी आशा का दूर-दूर तक संभावना नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में इसका भी परिणाम निकला और उनके कर कमलों से मंदिर निर्माण भी शुरू हो गया है। काशी विश्वनाथ धाम की स्थिति पूर्व में कैसा रहा यह सर्वविदित है।

1916 में महात्मा गांधी द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के लिए किए गए टिप्पणी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के नाम पर सत्ता प्राप्त करने वालों के ऊपर इसका कोई असर नहीं हुआ। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से विश्वनाथ धाम दिव्य धाम बन रहा है। इतना ही नहीं गंगा की भी किसी ने कोई चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अविरल गंगा निर्मल गंगा की भी चिंता की और आज गंगा नदी अविरल गंगा और निर्मल गंगा के रूप में प्रवाहित हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी गत दिनों विदेश यात्रा मे गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत से विदेश ले जाए गए 156 मूर्तियां को वापस लेकर आए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से जोड़ देते हुए कहा कि पहले भारत की मूर्ति तस्करी से विदेश चली जाती थी और भारत की आस्था आहत होती थी। आज वह समय है कि भारत के आस्था की प्रतीक मूर्तियां भारत वापस आ रही है, हमारी विरासत वापस आ रही है। इसके लिए उन्होंने भारतवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि "सबका साथ-सबका विकास- सबका विश्वास और सबके प्रयास" से विकास कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक तबके को बिना भेदभाव के भारत की सुविधा पर पूरा अधिकार है और सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है। भारत की आन-बान-शान की रक्षा करने व कोरोना के बेहतरीन प्रबंधन के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया तथा कहा कि विरासत को बचाने का प्रयास होना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश के धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहां कि 108 वर्ष पूर्व काशी से चोरी गई मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ मूर्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणा एवं प्रयास से काशी आकर पुनः काशी विश्वनाथ धाम में विराजमान हुई है। उन्होंने बताया कि माता अन्नपूर्णा की मूर्ति के शोभायात्रा के दौरान सड़कों पर श्रद्धा के जनसैलाब उमड़ आया था। जिन-जिन मार्गों से प्रतिमा का शोभायात्रा गुजर रहा था, मौजूद जनसैलाब में लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे थे।

इस अवसर पर स्वामी जितेंद्रानंद महाराज, सतुआ बाबा संतोष दास जी महाराज, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी जी के अलावा उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर, धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ0नीलकंठ तिवारी, स्टांप एवं पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर मृदुला जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक सुशील सिंह सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।