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ओमप्रकाश राजभर ने फिर सरकार पर किया हमला, भागीदारी मोर्चा ने दिखाई ताकत
 
वाराणसी। डॉ रत्नप्पा कुम्भार और डॉ0 पेरियार राधास्वामी नायकर की  जयंती मनाई गई। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि डॉ रत्नाप्पा भरमप्पा कुंभार (1909 - 1998) एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे, जो भारत की संविधान सभा के सदस्य तथा उसके सचिव चुने गए थे। उन्हें देशभक्त रत्नप्पा कुंभार भी कहा जाता है। वह भीमराव आम्बेडकर के साथ भारत के संविधान के अंतिम मसौदे पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्तियों में से एक थे। हजारो की संख्या में जुटे पाल समाज तथा प्रजापति समाज ने हाथ उठाकर ओमप्रकाश राजभर के नेतृत्व को समर्थन दिया। राजभर  ने कहा कि 75 साल की आजादी में इस पिछड़े समाज को कोई नही पूछा सभी दलों ने वोट की मशीन समझा, अब पिछड़े समाज के लोग सबको अपनी ताकत का एहसास करा रहे है। अब यह समाज किसी के प्रोलोभन में नही आने वाला है भागीदारी मोर्चे की असली ताकत यही जनता है। समाजिक न्याय समिति लागू नही होने से बीजेपी इनका हक खा रही है। 22 के चुनाव में पिछड़ा अति पिछड़ा और हर जाति के पिछड़े पिछाड़े गए परिवार को 22 में सरकार बनाकर सबसे पहले इनका घरेलू विजली बिल 5 साल तक माफ करेगे। शिक्षा में एक नीति लागू किया जाएगा जिससे अमीर गरीब की पढ़ाई सम्मान हो। सभी सरकारी स्कूलों को प्राइवेट से भी अच्छा किया जायेगा, 1 से लेकर 16 तक कि अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। महीने में मिलने वाले राशन 20 किलो से बढ़ा कर 50 किलो किया जाएगा। पूर्वांचल अलग राज्य बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।  गरीबो को मुफ्त चिकित्सा की व्यवस्था की जाएगी। ।भाजपा 25 किलो के झोले में 5 किलो अनाज गरीब परिवार को मजबूर कर रही है। 
हम अनाज के साथ झोला नही वस्त्र देगे जिसपर किसी की फोटो नही होगी  भाजपा में पिछड़े समाज के सभी लोडरो के सम्पति की जांच कराया जाएगा। भाजपा आत्म निर्भर बनाने की बात करती है मैं आत्म चिंतन की बात कहता हूं। आत्म चिंतन ही बच्चों को शिक्षा की तरफ ले जाएगा। सभी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा लागू किया जाएगा। भाजपा जितना सरकारी विज्ञापन में खर्चा करती है उसको बन्द कर सरकारी स्कूल और हॉस्पिटल खोला जाएगा। महिलाओ को 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग रखी जायेगी। प्रेमचंन्द्र प्रजापति* राष्ट्रीय अध्यक्ष भागीदारी पार्टी ने कहा कि वह  भारतीय संविधान को तैयार करने वाली समिति के सदस्य बने। वह 1952 मे 1962, 1967, 1972, 1978 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर शिरोल विधानसभा सीट से विधायक के रूप प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 1974 से 1978 तक महाराष्ट्र सरकार में "खाद्य और नागरिक आपूर्ति" राज्य मंत्री के रूप में नेतृत्व किया। बाबूराम पाल राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्र उदय पार्टी ने कहा कि हमारे महापुरषो के इतिहास को 75 साल से दबा कर रखा गया पाल समाज के किसी नेता ने डॉ0 आंबेडकर  के साथ समाजिक व्यवस्था को एक करने में तथा संविधान सदस्य के रूप में काम करने वाले का नाम मिटाने का काम किया। जिस तरह ओमप्रकाश राजभर ने महाराजा सुहेलदेव जी की का नाम पूरे विश्व मे बताने का कार्य किया आज देश के प्रधानमंत्री  भी  महाराजा सुहेलदेव को याद करते है। इस दौरान डॉ0 महेश चंद्र प्रजापति, भैयालाल पाल, बीरेंद्र पाल,   रामगोविंद प्रजापति, संतोष प्रजापति, शशिप्रताप सिंह, आदि लोग रहे।