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PM मोदी 25 नवंबर को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे शिलान्यास
 

पीएम नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। यह एयरपोर्ट दिल्ली एनसीआर में बनने वाला दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, जो लोगों को काफी सुविधा प्रदान करेगा। यह हवाई अड्डा उत्तर भारत का लॉजिस्टिक गेटवे होगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हवाई अड्डे के बनने से व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही साथ यह गौतमबुद्ध नगर के लोगों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगा क्योंकि इस एयरपोर्ट के बनने के बाद रोजगार के नए संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है। 2011 की जनगणना के मुताबिक जेवर की आबादी 2 लाख 21 हजार से अधिक है, जिसमें उप जिले में 36,975 घर शामिल हैं जो 92 गावों में फैला है। एयरपोर्ट के पहले चरण का विकास कार्य 2024 तक पूरा कर दिया जाएगा।

बता दें प्रस्तावित परियोजना को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहला चरण 12 एमपीपीए यानि प्रति वर्ष मिलियन यात्री की यात्री मांग और 0.75 मीट्रिक टन की कार्गो मांग को पूरा करेगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत राज्य सरकार के मंत्री और अन्य दिग्गज नेता भी मौजूद रहेंगे। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था का चाक-चौबंद किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट

जेवर में बन रहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 1,334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 2024 तक पूरा किए जाने का अनुमान है। इस एयरपोर्ट को लेकर लोग इसलिए बरसों से उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि एयरपोर्ट के ऑपरेशनल होने के साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरक्की में इसका अहम योगदान होगा।

एयरपोर्ट पर बनेगी पांच हवाई पट्टी

रिपोर्टों के अनुसार 2024 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली हवाई पट्टी को तैयार किया जाएगा। इससे पहली उड़ान भरी जा सकेगी। यहां पहले दो हवाई पट्टी तैयार होंगी उसके बाद 5 हवाई पट्टियां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में होंगी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम होगा। याद हो बीते महीने पीएम मोदी ने कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया था। इस मौके पर पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि ‘उड़ान योजना’ के तहत बीते कुछ सालों में 900 से अधिक नए रूट्स को स्वीकृति दी जा चुकी है, इनमें से 350 से अधिक पर हवाई सेवा शुरू भी हो चुकी है।

पचास से अधिक नए एयरपोर्ट या जो पहले सेवा में नहीं थे, उनको चालू किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में विमानन सेक्टर के विकास का उल्लेख करते हुए यह भी कहा था कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी (वायु संपर्कता) में लगातार सुधार आ रहा है। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर एयरपोर्ट से पहले ही आठ एयरपोर्ट चालू हो चुके हैं। लखनऊ, वाराणसी और कुशीनगर के बाद जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर काम चल रहा है। इसके अलावा अयोध्या, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती में एयरपोर्ट परियोजनाएं चल रही हैं।