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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 73 वें स्थापना दिवस पर हुई संगोष्ठी
वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 73वें स्थापना दिवस के अवसर पर अभाविप काशी महानगर की ओर से शुक्रवार को मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान काशी विद्यापीठ में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यवक्ता बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक गुरु प्रसाद सिंह ने कहा कि गरिमाबोध से इतिहास रचने की इच्छा जगती है। अभाविप छात्रशक्ति में …
 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 73 वें स्थापना दिवस पर हुई संगोष्ठी

वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 73वें स्थापना दिवस के अवसर पर अभाविप काशी महानगर की ओर से शुक्रवार को मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान काशी विद्यापीठ में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यवक्ता बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक गुरु प्रसाद सिंह ने कहा कि गरिमाबोध से इतिहास रचने की इच्छा जगती है। अभाविप छात्रशक्ति में राष्ट्र की गरिमा बोध जागृत करती है। सात दशकों की यात्रा में एबीवीपी युवाओं में गरिमा बोध की युक्ति बनकर उभरी है ।

उन्होंने कहा कि भारत के गौरवपूर्ण इतिहास को षड़यंत्रपूर्वक लिखा गया है। भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद अखिल विश्व में छात्रहित में सक्रिय छात्र संगठन हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता गौ गंगा गायत्री गांव में निहित है। भारत की सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का दायित्व युवा पीढ़ी की है। मुख्यातिथि अभाविप के पूर्व प्रांत मंत्री सुधांशु शेखर ने कहा कि नौजवानों की सतत तपस्या से एबीवीपी विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बना।

विशिष्ट अतिथि पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ ओपी सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी से प्रभावित छात्रों की शिक्षा अनवरत चलती रहे । अभाविप को प्रयास करना चाहिए। अभाविप कार्यकर्ताओं को टीकाकरण मुहिम गति प्रदान करना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे बीएचयू के सहायक प्रोफेसर अशोक सोनकर ने कहा कि अभाविप का उद्देश्य अप्रतिम है। अभाविप के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। अतिथियों का स्वागत महानगर अध्यक्ष डॉ.संजय सिंह गौतम ने किया। संचालन महानगर डॉ प्रभात रंजन उपाध्याय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन महानगर मंत्री कुंवर ज्ञानेंद्र ने दिया। इस मौके पर डॉ नीलम सिंह हर्षिता रजनीश, यूविका किशन पायल प्रिया विपुल कुंदन गोपी प्रतीक मनोज सुधांशु शशिशेखर आदि मौजूद रहे।