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शुरू हुआ दंपति संपर्क पखवाड़ा, 11 जुलाई को मनाया जायेगा विश्व जनसंख्या दिवस
वाराणसी ।आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी”, जी हाँ ! इस बार विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) की यही थीम है। इस खास दिवस को विधिवत मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक ने सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर …
 
शुरू हुआ दंपति संपर्क पखवाड़ा, 11 जुलाई को मनाया जायेगा विश्व जनसंख्या दिवस

वाराणसी ।आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी”, जी हाँ ! इस बार विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) की यही थीम है। इस खास दिवस को विधिवत मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक ने सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर सूचित किया है।

साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि कन्टेनमेंट एरिया या बफर जोन छोड़कर सभी कार्य कोविड – 19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए ही संपन्न किये जाएं। इसी क्रम में रविवार से दंपति संपर्क पखवाड़ा शुरू हुआ जो 10 जुलाई तक चलेगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि पत्र में निर्देशित है कि बीते वर्षों की भांति इस वर्ष भी 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जायेगा। वहीँ 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के साथ ही विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा की शुरुआत की जाएगी। जो 31 जुलाई तक चलेगा।

ऐसे मनाया जायेगा पखवाड़ा :-

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि दंपति संपर्क पखवाड़े के दौरान आशा कार्यकर्ता अपने-अपने कार्य क्षेत्र की आबादी में योग्य दंपति को चिन्हित करेंगी। योग्य दंपति यानि जिनको परिवार नियोजन के बारे में परामर्श की आवश्यकता है। लक्षित दंपति को परिवार नियोजन के लिए बास्केट ऑफ चॉइस के बारे में बताया जायेगा। आवश्यकता पड़ने पर टेली काउंसिलिंग की भी मदद ली जाएगी। दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए।

इससे मातृ मृत्यु-दर में 30% एवं शिशु मृत्यु-दर में 10% की कमी लायी जा सकती है। उन्होने जनपदवासियों से अपील की है कि पुरुष नसबंदी सरल है और सुरक्षित भी, इसलिए योग्य लाभार्थी आगे आकर इस विधि का चुनाव करें और लाभ उठायें। परिवार नियोजन को लेकर लोगों के व्यवहार परिवर्तन की जरूरत है । गर्भ निरोधक साधनों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाना चाहिये, जिससे जन-जागरूकता आ सके।

एसीएमओ व परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ राजेश प्रसाद ने बताया कि पखवाड़ा के दौरान जिले, ब्लाक और गांव में मोबाईल पब्लिसिटी वैन से परिवार नियोजन का सन्देश जोर शोर से प्रचारित और प्रसारित किया जाएगा। इस बार के कार्यक्रम में डिजिटल प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, एसएमएस आदि की पूरी मदद ली जाएगी।

विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का शुभारंभ जिला स्तर पर किसी माननीय से कराये जाने की योजना है। साथ ही पात्र लाभार्थी को दो महीने के लिए गर्भनिरोधक गोली और कंडोम वितरित किया जाएगा। इस दौरान अंतरा और आयूसीडी को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हर इच्छुक लाभार्थी के लिए पुरुष या महिला नसबंदी की पूर्व पंजीकरण की भी सुविधा होगी।

यूपीटीएसयू के जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ ने बताया कि गर्भ निरोधक साधनों को अपनाने पर लोंगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पुरुष नसबंदी पर लाभार्थी को 2000 तथा आशा को 300 रुपये तथा महिला नसबंदी (अंतराल) पर 1400 रुपये लाभार्थी को तथा आशा को 200 रुपये, प्रसव पश्चात महिला नसबंदी पर लाभार्थी को 2200 तथा आशा को 300 रुपये, प्रसव पश्चात आई.यू.सी.डी. लाभार्थी को 300 तथा आशा को 150 रुपये,गर्भपात (सर्जिकल स्वतः) पश्चात आई.यू.सी.डी. लाभार्थी को 300 तथा आशा को 150 रुपये दिये जाते हैं।

इसके अलावा इन्स्योरिंग स्पेसिंग एट बर्थ स्कीम (ई.एस.बी.) योजना के अन्तर्गत आशा को,नव विवाहित दंपत्तियों को विवाह के उपरांत दो वर्ष तक अंतराल साधनों का परामर्श प्रदान कर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए 500 रुपये, पहले एवं दूसरे बच्चे में तीन वर्ष का अंतराल रखने के लिए परिवार नियोजन साधनों का परामर्श प्रदान कर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए 500 रुपये तथा दो बच्चो तक परिवार सीमित रखने वाले पात्र दंपत्तियों को स्थायी साधनों (महिला/पुरुष नसबंदी) का परामर्श प्रदान कर चयन सुनिश्चित करने के लिए 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।